GPS अटेंडेंस और फील्ड स्टाफ ट्रैकिंग: नियोक्ताओं के लिए गाइड
फील्ड टीम को निष्पक्ष तरीके से मैनेज करने के लिए GPS, सेल्फी अटेंडेंस और विज़िट लॉग का उपयोग कैसे करें — और ट्रैकिंग की सीमा कहाँ रखें।
तय करें कि आपको क्या जानना है
ज़्यादातर बिज़नेस को तीन बातें जाननी होती हैं: व्यक्ति ने काम शुरू किया, किन ग्राहकों से मिला, और हर विज़िट का नतीजा क्या रहा। सेल्फी + GPS अटेंडेंस पहला, चेक-इन के साथ शेड्यूल्ड विज़िट दूसरा, और छोटा मीटिंग नोट तीसरा सवाल हल करता है। इसके लिए लगातार लाइव ट्रैकिंग की ज़रूरत कम ही होती है।
ड्यूटी टाइम ट्रैक करें, निजी समय नहीं
लोकेशन विज़िबिलिटी को पंच IN और पंच OUT के बीच ड्यूटी टाइम तक सीमित रखें, कर्मचारियों को साफ़ बताएँ कि क्या रिकॉर्ड होता है और क्यों, और इसे अपनी HR पॉलिसी में लिखें। लोग वही ट्रैकिंग स्वीकार करते हैं जो पहले से तय और काम से जुड़ी हो; छुपी हुई लगने वाली ट्रैकिंग का विरोध होता है।
विज़िट को काम की इकाई बनाएँ
विज़िट पहले से असाइन करें, स्टाफ को ऐप से मीटिंग शुरू और पूरी करने दें, और मिले व्यक्ति व नतीजे को रिकॉर्ड करें। फिर मैनेजर कॉल पर अपडेट माँगने के बजाय पेंडिंग और ओवरड्यू विज़िट देखते हैं। विज़िट हिस्ट्री आगे चलकर उपयोगी सेल्स डेटा भी बनती है।
पहले एक टीम के साथ शुरू करें
पहले एक महीने एक फील्ड टीम के साथ चलाएँ, उनकी बताई दिक्कतें ठीक करें, फिर बाकी टीमों पर लागू करें। आसान चीज़ें मापें: समय पर शुरुआत, प्लान बनाम पूरी हुई विज़िट, और विज़िट से फॉलो-अप तक का समय।
